उद्योगों की मांग पर जिला प्रशासन ने उठाया कदम, संजीव शर्मा बोले – भुगतान अटकने से छोटे उद्योगों की कार्यशील पूंजी पर पड़ता है सीधा असर
हैलो हिन्द
ग्रेटर नोएडा। गौतमबुद्धनगर के सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों के लिए लंबे समय से चली आ रही विलंबित भुगतान की समस्या के समाधान की दिशा में जिला प्रशासन की पहल का इंडस्ट्रियल एंटरप्रेन्योर एसोसिएशन (IEA) ने स्वागत किया है। जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र में ‘समाधान सेल’ के गठन को IEA ने जिले के MSME सेक्टर के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया है।

IEA के अध्यक्ष संजीव शर्मा ने कहा कि जिले में बड़ी संख्या में उद्यमी एक-दूसरे के साथ कारोबार करते हैं। कई बार सामान या सेवाओं की आपूर्ति के बावजूद समय पर भुगतान नहीं हो पाता। बड़े उद्योगों के लिए भले ही कुछ समय तक इसका प्रबंधन संभव हो, लेकिन छोटे और सूक्ष्म उद्यमों के लिए भुगतान में देरी सीधे उनकी कार्यशील पूंजी को प्रभावित करती है।
उन्होंने कहा कि MSME का पूरा कारोबार नकदी के प्रवाह पर निर्भर करता है। जब ग्राहक से भुगतान समय पर नहीं मिलता तो उद्यमी के सामने कच्चा माल खरीदने, कर्मचारियों का वेतन देने और अन्य जरूरी खर्चों को पूरा करने की चुनौती खड़ी हो जाती है। इससे कारोबार की गति प्रभावित होती है और कई बार अच्छे ऑर्डर होने के बावजूद उद्यमी आर्थिक दबाव में आ जाता है।

‘विवाद बढ़ने से पहले समाधान जरूरी’
संजीव शर्मा ने कहा कि IEA की ओर से जिलाधिकारी के समक्ष यह मुद्दा लगातार उठाया गया था। संगठन ने मांग की थी कि जिले में ऐसा मध्यस्थता तंत्र बनाया जाए, जहां भुगतान संबंधी विवादों को बातचीत और समन्वय के माध्यम से समय रहते सुलझाया जा सके। उन्होंने जिला प्रशासन द्वारा समाधान सेल गठित किए जाने को सकारात्मक पहल बताते हुए कहा कि इससे उद्यमियों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने के बजाय एक निर्धारित व्यवस्था के माध्यम से अपनी समस्या रखने और उसके समाधान की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।
‘जिलाधिकारी का धन्यवाद, पहल से बढ़ेगा भरोसा’
IEA अध्यक्ष ने जिलाधिकारी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रशासन ने उद्योग जगत की समस्या को गंभीरता से लिया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि समाधान सेल केवल शिकायत दर्ज करने तक सीमित न रहकर वास्तविक समाधान का प्रभावी माध्यम बनेगा। उन्होंने कहा कि समय पर भुगतान मिलने से MSME की कार्यशील पूंजी मजबूत होगी, कारोबार सुचारु रहेगा और उद्यमियों का आपसी व्यापारिक विश्वास भी बढ़ेगा। गौतमबुद्धनगर जैसे बड़े औद्योगिक जिले में ऐसी व्यवस्था छोटे उद्योगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र की ओर से जारी आदेश के अनुसार, समाधान सेल के लिए सहायक आयुक्त उद्योग राजेन्द्र कुमार को नोडल अधिकारी बनाया गया है। विलंबित भुगतान से संबंधित समस्या वाले सूक्ष्म एवं लघु उद्यमी जिला उद्योग केंद्र, सूरजपुर में संपर्क कर सकते हैं।


