10-बी नोटिस से यूनिफाइड रेगुलेशन तक कई मुद्दों पर बनी सहमति; लीज रेंट, समयवृद्धि और सीआईसी शुल्क के प्रस्ताव बोर्ड में जाएंगे
हैलो हिन्द
नोएडा। औद्योगिक इकाइयों की समस्याओं को लेकर NEA (नोएडा एंटरप्रेन्योर्स एसोसिएशन) ने एक बार फिर नोएडा प्राधिकरण के सामने मजबूती से मुद्दे उठाए। मुख्य कार्यपालक अधिकारी कृष्ण करुणेश की अध्यक्षता में हुई बैठक में NEA अध्यक्ष विपिन कुमार मल्हन ने उद्योगों से जुड़े कई अहम मामलों को सामने रखा। बैठक में कई मुद्दों पर समाधान की दिशा तय हुई, जबकि कुछ महत्वपूर्ण प्रस्ताव आगामी बोर्ड बैठक में रखे जाने पर सहमति बनी।

10-बी नोटिस पर उद्यमियों को राहत की उम्मीद
धारा-10बी नोटिस से जुड़े मामलों पर सीईओ ने स्पष्ट किया कि इन प्रकरणों का निस्तारण ओएसडी स्तर के अधिकारी द्वारा किया जाएगा। इससे लंबे समय से ऐसे मामलों का सामना कर रहे औद्योगिक भूखंड धारकों को राहत मिलने की उम्मीद जगी है।
यूनिफाइड रेगुलेशन पर NEA की भागीदारी
यूनिफाइड रेगुलेशन-2025 के प्रावधानों से उद्योगों को हो रही दिक्कतों को लेकर भी NEA ने गंभीरता से मुद्दा उठाया। सीईओ ने बताया कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों की संयुक्त कमेटी बनाई जाएगी। खास बात यह है कि कमेटी की बैठकों में NEA अध्यक्ष विपिन कुमार मल्हन को भी शामिल कर उद्यमियों के सुझाव लिए जाएंगे। इसके बाद जरूरी बिंदुओं को बोर्ड के समक्ष रखा जाएगा।

NGT की रोक का हिसाब, फिर बढ़ सकती है समय सीमा
इकाइयों को कार्यशील करने के लिए अतिरिक्त समय देने की मांग पर भी प्राधिकरण ने सकारात्मक रुख दिखाया। पिछले तीन वर्षों का रिकॉर्ड खंगालकर यह देखा जाएगा कि NGT की रोक के कारण कितने समय तक निर्माण कार्य प्रभावित रहा। इसके बाद उसी अवधि के आधार पर समय सीमा बढ़ाने पर निर्णय लिया जा सकता है।
लीज रेंट के नियम में बदलाव की तैयारी
ई-नीलामी से आवंटित औद्योगिक भूखंडों पर लीज रेंट को प्रतिशत के बजाय प्रति वर्गमीटर की दर से वसूलने की मांग भी NEA ने रखी। इसके साथ ही सशुल्क समयवृद्धि शुल्क में बढ़ोतरी का मामला भी उठाया गया। दोनों प्रस्तावों को आगामी बोर्ड बैठक में रखने की बात कही गई है।

एलएलपी में बदलाव पर सीआईसी शुल्क चर्चा
प्राइवेट कंपनियों को एलएलपी में परिवर्तित करने के दौरान सीआईसी शुल्क की अनिवार्यता खत्म करने और पहले से लिए गए शुल्क को वापस करने का मुद्दा भी बैठक में उठा। इस मामले में सीईओ की राय लेकर उचित निर्णय किए जाने का आश्वासन दिया गया।
NEA की पैरवी से बोर्ड तक पहुंचेगा उद्योगों का एजेंडा
बैठक का सबसे अहम पहलू यह रहा कि उद्योगों की कई मांगें अब केवल अधिकारियों की टेबल तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि उन्हें प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में ले जाने की प्रक्रिया शुरू होगी। NEA की ओर से लगातार उठाए जा रहे इन मुद्दों से औद्योगिक इकाइयों को नियमों में व्यावहारिक राहत मिलने की उम्मीद बढ़ी है।

बैठक में इनकी रही मौजूदगी
बैठक में NEA अध्यक्ष विपिन कुमार मल्हन, महासचिव वी.के. सेठ, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राकेश कोहली, कोषाध्यक्ष शरद चन्द्र जैन, उपाध्यक्ष मो. इरशाद, सुधीर श्रीवास्तव, मयंक गुप्ता, राजन खुराना तथा सचिव राहुल नैयर मौजूद रहे।



