लेबर कोड से PF तक…उद्यमियों के हर सवाल का मिला जवाब
IIA ग्रेटर नोएडा की 37वीं मंथन गोष्ठी में 50 से अधिक उद्यमी जुटे, श्रम विभाग और EPFO अधिकारियों ने अनुपालन की बारीकियां समझाईं
हैलो हिन्द
ग्रेटर नोएडा। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (IIA) ग्रेटर नोएडा चैप्टर की 37वीं मंथन गोष्ठी 7 अक्टूबर 2026 को चैप्टर कार्यालय में आयोजित हुई। बैठक में उद्योगों और एमएसएमई से जुड़े लेबर कोड, पीएफ, ईपीएफ/ईपीएस और अनुपालन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अधिकारियों एवं उद्यमियों के बीच सीधा संवाद हुआ। 50 से अधिक IIA सदस्यों की सक्रिय सहभागिता ने गोष्ठी को खासा उपयोगी बनाया।

अध्यक्ष सरबजीत सिंह के मार्गदर्शन में चैप्टर सचिव हिमांशु पांडेय ने बैठक की कार्यवाही शुरू की। कार्यक्रम में श्रम विभाग के अपर श्रम आयुक्त राकेश द्विवेदी का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया। बैठक में क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त (EPF) विजय कुमार अपनी एनफोर्समेंट टीम के साथ शामिल हुए। IIA ग्रेटर नोएडा चैप्टर की बैठक में उनका यह पहला आगमन था। चैप्टर की परंपरा के अनुसार उनका स्वागत कर रामलला की प्रतिमा स्मृति-चिह्न के रूप में भेंट की गई।
बैठक में अध्यक्ष सरबजीत सिंह, सचिव हिमांशु पांडेय, कोषाध्यक्ष प्रदीप शर्मा, क्षेत्रीय चेयरमैन राकेश बंसल, गोविंद राम चौधरी (Anmol Inc.), जे.एस. राणा, साहिल, नवीन गुप्ता, अनिल अप्पन, पी.पी. शर्मा, प्रदीप भाटी, सुशांत सक्सेना, आयुष्मान कौशिक, अब्दुल, उमर बासित सहित कई IIA सदस्य मौजूद रहे।

लेबर कोड पर उद्यमियों को मिला मार्गदर्शन
अपर श्रम आयुक्त राकेश द्विवेदी ने उद्योगों एवं एमएसएमई के लिए महत्वपूर्ण नए लेबर कोड के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने उद्योगों पर इनके संभावित प्रभाव, आवश्यक अनुपालन और नियोक्ताओं द्वारा अपनाई जाने वाली प्रक्रियाओं को सरल तरीके से समझाया। उद्यमियों ने लेबर कोड से जुड़े विभिन्न सवाल, व्यावहारिक दिक्कतें और जिज्ञासाएं अधिकारियों के सामने रखीं। श्री द्विवेदी ने इनका विस्तार से जवाब देते हुए आवश्यक प्रक्रियाओं और अनुपालन को लेकर मार्गदर्शन दिया।
PF की बढ़ी सीमा और अनुपालन पर चर्चा
इसके बाद क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त विजय कुमार एवं उनकी एनफोर्समेंट टीम के साथ उद्योगों से जुड़े पीएफ विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में PF Contribution की बढ़ी हुई सीमा, EPF/EPS के प्रावधान, नियोक्ताओं के लिए आवश्यक अनुपालन तथा पीएफ से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण मुद्दे प्रमुख रहे। उद्यमियों को अधिकारियों से सीधे संवाद करते हुए अपनी समस्याएं और सुझाव रखने का अवसर मिला। एनफोर्समेंट टीम ने सदस्यों के सवालों के जवाब देते हुए पीएफ संबंधी प्रक्रियाओं और अनुपालन को लेकर जरूरी जानकारी साझा की।


