महंगे रॉ मैटेरियल से उद्योग बेहाल…NEA ने सरकार से मांगा ‘5% GST’ वाला राहत पैकेज
18 महीने में पॉलीमर, मेटल, कॉपर, इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स और ईंधन की कीमतों में 150–200% तक बढ़ोतरी का दावा; एक साल के लिए जीएसटी दर घटाने की मांग
हैलो हिन्द
नोएडा। रॉ मैटेरियल और ईंधन की लगातार बढ़ती कीमतों से दबाव झेल रहे उद्योगों को राहत देने के लिए नोएडा एंटरप्रिन्योर्स एसोसिएशन (NEA) ने केंद्र सरकार से तत्काल ठोस कदम उठाने की मांग की है। एनईए अध्यक्ष विपिन कुमार मल्हन ने प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर औद्योगिक उत्पादों पर लगने वाली जीएसटी दर को एक वर्ष के लिए घटाकर 5 प्रतिशत करने का सुझाव दिया है।

एनईए के अनुसार, पिछले करीब 18 महीनों से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बने युद्ध और भू-राजनीतिक तनाव के कारण पॉलीमर, मेटल, इलेक्ट्रिकल सामग्री, कॉपर, सोल्डर, इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स सहित विभिन्न रॉ मैटेरियल और ईंधन की कीमतों में 150 से 200 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है। इसका सबसे ज्यादा असर लघु और मध्यम उद्योगों पर पड़ रहा है।
उत्पादन लागत बढ़ी, प्रतिस्पर्धा हुई मुश्किल
एसोसिएशन का कहना है कि रॉ मैटेरियल और ईंधन की महंगाई ने उद्योगों की उत्पादन क्षमता और कार्य संचालन को प्रभावित किया है। बढ़ती लागत के कारण कई इकाइयां बाजार में प्रतिस्पर्धा बनाए रखने के लिए संघर्ष कर रही हैं, जबकि कुछ उद्योग बंदी के कगार पर पहुंच गए हैं। एनईए ने प्रधानमंत्री को भेजे पत्र में कहा कि अधिकांश औद्योगिक उत्पादों पर वर्तमान में 18 प्रतिशत जीएसटी लग रहा है। ऐसे समय में जब उद्योग पहले ही बढ़ी हुई इनपुट लागत से जूझ रहे हैं, यह कर भार उनकी वित्तीय मुश्किलों को और बढ़ा रहा है।

‘उद्योग बचेंगे तो राजस्व भी बढ़ेगा’
एनईए अध्यक्ष विपिन कुमार मल्हन ने तर्क दिया कि जीएसटी दर को एक वर्ष के लिए 5 प्रतिशत करने से सरकार के राजस्व पर तत्काल कुछ असर पड़ सकता है, लेकिन लंबे समय में इसका फायदा अर्थव्यवस्था को मिलेगा। यदि उद्योग चलते रहेंगे तो वे भविष्य में लगातार जीएसटी और अन्य करों का भुगतान करते रहेंगे। इसके विपरीत, उद्योग बंद होने की स्थिति में सरकार को जीएसटी के साथ-साथ अन्य करों से भी राजस्व का नुकसान हो सकता है।
सरकार से तत्काल कारगर उपायों की अपील
एनईए ने केंद्र सरकार से रॉ मैटेरियल और ईंधन की बढ़ती कीमतों के प्रभाव को कम करने के लिए तत्काल ठोस और कारगर उपाय करने की मांग की है। साथ ही एसोसिएशन ने उद्योगों को प्रतिस्पर्धी बनाए रखने और बंदी की स्थिति से बचाने के लिए जीएसटी दर को एक वर्ष के लिए 5 प्रतिशत करने के प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार करने का अनुरोध किया है। एसोसिएशन ने उम्मीद जताई है कि सरकार उद्योगों की मौजूदा लागत संबंधी चुनौतियों को देखते हुए राहत के लिए आवश्यक कदम उठाएगी।


