यूपी इन्वेस्ट की टीम पहुंची फरीदाबाद, हरियाणा के टेक्सटाइल उद्योग को आकर्षित करने की कवायद
2,000 करोड़ रुपए निवेश, 200 एकड़ में टेक्सटाइल क्लस्टर बनाने पर बन रही सहमति
हैलो हिन्द
हरियाणा के टेक्सटाइल एंड गारमेंट उद्योग को उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए आकर्षित करने की कवायद के तहत इन्वेस्ट यूपी की टीम ने फरीदाबाद में टेक्सटाइल एंड अपैरल एसोसिएशन ऑफ हरियाणा के साथ संवाद किया। पार्क प्लाजा होटल सेक्टर 21 सी में हुई बैठक में जेवर एयरपोर्ट और टप्पल-अलीगढ़ क्षेत्र में भूमि आवंटन, औद्योगिक विकास और टेक्सटाइल निवेश के अवसरों पर मंथन हुआ। निवेश की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए एमओयू पर भी सहमति बनती दिख रही है।

पॉलिसी, प्रोत्साहन और प्लेटफॉर्म…यूपी ने पेश किया निवेश का मॉडल
उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीएसआइडीए) के प्रिंसिपल जनरल मैनेजर राजीव त्यागी ने बताया कि यूपी टेक्सटाइल एंड गारमेंट पॉलिसी-2022 के तहत भूमि लागत सब्सिडी, स्टांप ड्यूटी छूट, कैपिटल सब्सिडी, बिजली रियायत, इंफ्रास्ट्रक्चर सहायता और निजी टेक्सटाइल पार्कों के लिए वित्तीय सहयोग जैसे प्रोत्साहन उपलब्ध हैं। उन्होंने 10,000 एकड़ से अधिक लैंड बैंक, निवेश मित्र और निवेश सारथी जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए निवेश सुगमता की जानकारी भी दी। इन्वेस्ट यूपी के जनरल मैनेजर अनुरुद्ध, एजीएम समीर मेहदी, इन्वेस्ट यूपी (टेक्सटाइल) की हेड अपराजिता, केपीएमजी के प्रतिनिधियों ने उद्योगपतियों के साथ निवेश संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की।

जितनी जल्दी मिलेगी जमीन… उतनी ही तेजी से बढ़ेंगे उद्योग
बैठक में एसोसिएशन के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह ने बताया कि यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र में 150-200 एकड़ टेक्सटाइल हब की योजना पहले तैयार की गई थी, जिसमें करीब 2,000 करोड़ रुपये निवेश प्रस्तावित था, लेकिन जमीन न मिलने से योजना अटक गई। अब टप्पल-अलीगढ़ क्षेत्र को नया विकल्प मानते हुए उद्यमियों ने कहा कि सरकार यदि जमीन और उद्योगों के अनुकूल बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराए तो तय समयसीमा में उत्पादन शुरू किया जा सकता है। एसोसिएशन के उपाध्यक्ष राजेश गुप्ता, उपाध्यक्ष एसपी अग्निहोत्री, उपाध्यक्ष सुभाष लूथरा, महासचिव प्रताप अरोड़ा ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार टेक्सटाइल क्लस्टर बनाकर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराए तो हम बिना देरी किए उद्योग लगाने के लिए तैयार हैं। इस प्रस्ताव को लेकर बैठक में सकारात्मक चर्चा हुई।

कनेक्टिविटी से टेक्सटाइल क्लस्टर की मजबूत संभावनाएं
बैठक में यह भी बताया गया कि जेवर में इंटरनेशनल एयरपोर्टऔर एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी के कारण टप्पल क्षेत्र टेक्सटाइल क्लस्टर के रूप में उभर सकता है। उद्योगपतियों और अधिकारियों ने निवेश प्रस्तावों को आगे बढ़ाने तथा भूमि आवंटन प्रक्रिया में तेजी लाने पर सहमति जताई। इस अवसर पर एसडी खेत्रपाल, विजय अरोड़ा, साहिल चन्ना, रमेश कथूरिया, पीके कोहली, हर्ष निवार, रोहित सचदेव, मुकेश गुप्ता, नरेश शर्मा, भूपेंद्र सिंह, वरुण गोपाल यादव, गुलशन नागपाल सहित हरियाणा के कई टेक्सटाइल और गारमेंट कारोबारी उपस्थित रहे।






